Wednesday, July 15, 2026

बाप हूं

अपनी धीमी आवाज़ से

जब बोलते हो, रुक जाओ

जब जानते हो कि ना रुक पाउंगा

मेरी छोटी सी उम्मीद आप हो

जब नन्हे हाथ से मुझे थामते हो 

कैसी भी राह हो, सम्भल जाऊंगा, 


आपकी आवाज़ में मुझे 

आह सुनाई देती है 

नर्म हाथों में कभी 

कमजोरी दिखाई देती है, 

भरोसा रखो, बाप हूँ 

सब सह के भी क्यों जिंदा हूँ 

इतनी सी उम्र में बच्चों ने सहा 

सोच सोच शर्मिंदा हूँ। 


यकीन मानो, 

पल पल का हिसाब रखा है 

अपने साथ हुए, 

हर छल का हिसाब रखा है। 

फिर सिंहासन पर बैठूँगा 

ये मेरा वादा है 

आप भी गर्व से कहना फिर 

ये मेरा पापा है.. 


#PST 

Wednesday, February 12, 2025

जीने की कसम

प्यार कुछ हद तक तो था
ये वो मना कहां करते हैं, 
साथ जीने की कसम खाने वाले 
साथ मरा कहां करते हैं.. 

#PST 

Tuesday, February 11, 2025

इम्तिहान

मेरी मोहब्बत का इम्तिहान लेते हो, 
कैसे हो, कैसे कैसे जान लेते हो..
#PST

Monday, February 12, 2024

युद्ध जारी है..

जंग अभी हारा नहीं हूं

इतना भी बेचारा नहीं हूं, 


घिर गया था मकड़ जाल में

अपने ही मायाजाल में, 


चक्रव्यूह वो बड़ा कठिन था

जिसके आगे बस पतन था, 


घिर चुका था लोभियों में

स्वार्थ की चुनौतियों में, 


दुश्मन हर कहीं थे भारी 

बस कभी हिम्मत ना हारी, 


शत्रु कोई असाध्य नहीं था 

साया भी पर साथ नहीं था, 


संकट कठिन घोर हरदम था 

पर मेरे राघव से कम था, 


माना कि मैं तैयार नहीं था 

संगी साथी यार नहीं था,


जो ना कटे ऐसा तरु ना होई 

बुरे समय सा गुरु ना कोई, 


कथा तब तक चलती है 

जब तक पूर्ण विराम है, 


पूर्ण विजय संकल्प है 

अंत जय श्री राम है 🙏

#PST 

collection of Shair TWEETS by me ...

1 - 
आज खुद को भुलाने को जी कर रहा है,
बेवजह रूठ जाने को जी कर रहा है,
तुम्हे वक़्त शायद मिले न मिले,
आज खुद को मनाने को जी कर रहा है।

2 -
मेरी आदत है उन्हें मनाने की,
उनको आदत है रूठ जाने की,
उनसे कह दो की खेल ये रोकें,
अब तो नौबत है जान जाने की।

3 -
टूटे हुए  सपनो और छूटे हुए अपनों ने मार दिया आशी,,
वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सीखने आती थी।

4 -
मेरे शहर के मौसम को भी कुछ यूँ मेरी आदत है,
ज़रा सा दूर क्या होता हूँ वहां बारिश हो जाती है।

5 -
गुमशुदा थे बरसों से, आज नज़र आ रहे हैं,
कैसे कैसे लिबास में चले आ रहे हैं,
जो मेरे उदास चेहरे पर रो दिया करते थे,
आज मेरे मातम में मुस्कुरा रहे हैं।

6 -
जिनके आगे साया भी पराया लगता था,
उन्हें आज अजनबी भी कहूँ या न कहूँ।

7 -
नया घरोंदा मिला तो पुराना घर भूल गए,
मंजिल नयी मिली तो हमसफ़र भूल गए,
जो तुम्हारी नज़र उतारती थी हर कदम पर,
नज़ारा नया मिला तो ये नज़र भूल गए।

8 -
बहुत सोचा की आज तुमको याद न करूँ,
पर क्या करूँ सांस कमबख्त आ ही जाती है।

9 -
तुमको बहार समझ कर, जीना चाहता था उम्र भर,
भूल गया था की मौसम तो बदल जाते हैं।

10 -
मुझे और जन्म लेने होंगे जान जाने के बाद,
तुम्हारी आदत जाने में वक़्त तो लगेगा।

11 -
मैं तो बस एक रास्ता था उस के सफ़र का,
आगे दोराहा आ गया, इसमें उसका क्या कसूर. 

12 -
जब जागूं तो तेरा चेहरा हो, काश यूँ ही हर सबेरा हो,
पलक खुलें तो तेरी झलक मिले, पलक झुके तो ख्वाब तेरा हो।


Monday, February 6, 2023

गुनाहखाना

कहीं तो ठौर ठिकाना है इस जमाने में, 
लो फिर आ बैठा अपने गुनाहखाने में, 
चाह छांव की नहीं तलब धूप की है, 
एक साया ही सही कुछ तो हो वीराने में..

#PST 6/2/23

Tuesday, January 17, 2023

चारदीवारी

यह बंद चारदीवारी
मुझे चुप होने नहीं देती, 
यह बंद चारदीवारी 
बोर होने नहीं देती.. 

इनसे बातें कर लेता हूं 
पंखे संग घूम लेता हूं 
तकिया गले लगा लेता हूं 
यह मुझे सोने नहीं देती, 
यह बंद चारदीवारी 
बोर होने नहीं देती.. 

तकदीर हिला जाती है 
तो कहीं दीवार पर टंगी 
तस्वीर रुला जाती है, 
बत्ती बंद कर लेता हूं 
यह मुझे रोने नहीं देती, 
यह बंद चारदीवारी 
बोर होने नहीं देती..

#PST